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युवा शक्ति से भारत निर्माण के लिए युवा सामर्थ्य पर चिंतन, विचार आईडिया, संकल्प और आशा की प्रस्तुति :

 

आभार (प्रस्तावना)

युवा इस धरा के अमूल्य मानव संपदा हैं तथा युवा ही समृद्ध भारत के निर्माण के शिल्पकार हैं। इनके अपरिमित ऊर्जा को सही दिशा दिखाकर मानव मूल्यों पर आधारित सुन्दर समृद्ध मानव समाज का निर्माण करने की असीम संभावनाएँ हैं। इतिहास कहता है कि युवा संपदा से कई गौरवशाली मानव सभ्यता का निर्माण हुआ है। भारतीय युवाओं ने इसे कई अवसरों पर सिद्ध कर दिखाने में सफलता पाई है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हम पाते हैं कि वे राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत होकर पूर्ण निष्ठा और निष्काम भाव से राष्ट्र के लिए अपना जीवन को समर्पित करने के लिए सदैव तत्पर रहते थे। ऐसे कर्मयोगी युवाओं पर हम सब को गर्व है और इसी का फलाफल था कि भारत को स्वतंत्रता मिली। स्वतंत्रता के बाद भी युवाओं ने भारत को विश्व का सबसे बड़ा प्रजातांत्रिक देश के बनाने में अपना अत्यंत महत्पूर्ण भूमिका निभाई है। हम देख पा रहें हैं कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद समूचे देश में सभी क्षेत्रों में युवाओं के द्वारा अनेकों उत्कृष्ट कार्य किये जा रहें हैं। शांति और समृद्धि की स्थापना में इनकी सबसे बड़ी भूमिका रही है। युवाओं का ही पुरूषार्थ का कर्मफल है कि आज भारत हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति के पथ पर शांति के साथ अग्रसर है।
वर्तमान भारत युवा शक्ति में विश्व का सबसे बड़ा देश है। युवाओं की शक्ति व संभावनाओं का उद्घाटन भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्रीमान् नरेन्द्र मोदी जी कई विशिष्ठ अवसरों पर कर चूके हैं। इस विराट युवा शक्ति के संदर्भ में हमें अध्ययन से एक सत्य उद्घाटित होता है कि आजादी के बाद भारत में व्यापक स्तर का प्रतिबद्ध युवा संगठन विकसित नहीं हो पाया है, जो भारत के 80 करोड युवाओं का मार्गदर्शन करें, उनके 160 करोड़ हाथ को परस्पर जोड़कर उनके सामथ्र्य से साक्षात्कार कराए और उन्हें समृद्ध भारत व समृद्ध विश्व के लिए उनकी अपरिमित ऊर्जा को दिशा दिखा कर नियोजित करें। स्पष्ट है कि ऐसे सशक्त संगठन के अभाव में 21 वीं सदी का युवा हताश, निराश, असंतुष्ट और परेशान होता रहा है, क्योंकि अधिकांश युवाओं के मस्तिष्क व हाथ के पास कोई काम नहीं है। वास्तव में यह ईश्वर द्वारा प्रदत्त स्वाभाविक युवा शक्ति की बड़ी क्षति है जहाँ एक स्वाभाविक अपरिमित ऊर्जा बिना किसी उपयोगी परिणाम के ही नष्ट हो रहा है। इसे रोकना हम सब का दायित्व और कत्र्तव्य है और हमें इस ओर चिंतन, विचार, आइडिया, रास्ता की खोज करने तथा लक्ष्य की प्राप्ति के लिए संकल्प करने की नितांत आवश्यकता है। इसी आवश्यकता तथा महात्मा बुद्ध की शिक्षा ने हमें चिंतन, विचार के लिए प्रेरित किया जहाँ उन्होने मैत्री (एक दूसरे को सम्मान देना) को आधार बना कर शांति व समृ़िद्ध की स्थापना की थी। हमारे चिंतन, विचार के द्वारा एक आइडिया का सृजन हुआ और हमने संकल्प किया कि उस आइडिया को हम सर्व-प्रथम धरातल पर प्रस्तुत करेंगे। संकल्प की प्राप्ति हेतु 12 जनवरी 2010 ई0 में सूक्ष्म स्तर पर 10 शिक्षित युवाओं का समूह ‘‘राष्ट्रीय युवा विकास संघ’’ के रूप में बना कर कार्य प्रारम्भ कियें। समूह ने आकांक्षा के अनुरूप पूर्ण निष्ठा से कार्य किया जिसका परिणाम हुआ कि कार्यक्षेत्र में युवाओं एवं आमजन से संबंधित अनेक गंभीर समस्याओं का निराकरण सरलता पूर्वक से हुआ है। इससे हमें प्रेरणा मिली और आशा जागृत हुआ कि भारत में एक प्रतिबद्ध युवा संगठन विकसित कर भारत में व्याप्त विविध गंभीर राष्ट्रीय समस्याओं का हल खोजा जा सकता है।
समस्याओं के स्थायी निराकरण होने से भारत को समृ़द्ध राष्ट्र व सपनों का भारत बनाया जा सकता है। इस सपनो के भारत के लिए ‘‘राष्ट्रीय युवा विकास संघ’’ का सृजन हमारे चिंतन विचार के द्वारा आइडिया के रूप में हुआ जो भारत के युवा मस्तिष्क को प्रेम और बधुत्व से परस्पर जोड़ने का काम करेगा इसे ही हम सूत्र/रास्ता/आइडिया कहते हैं और इस आइडिया का आधार मैत्री है। हमने अपने आइडिया के अनुरूप कार्य प्रारंभ किया और अपने कार्यानुभव से पाया कि एक प्रतिबद्ध युवा संगठन विकसित करने से देश में व्याप्त कई गंभीर समस्याओं का निदान सरलता से हो सकता है। अतः हमारा निवेदन सरकार एवं समाज से है कि एक सशक्त व प्रतिबद्ध युवा संगठन राष्ट्रीय 4 संकल्प से सिद्धि की ओर राष्ट्रीय युवा विकास संघ स्तर पर विकसित करने के लिए अपना योगदान दें और इस ओर दूसरों को प्रोत्साहित भी करें। सम्पूर्ण देश में ऐसे प्रयास से हम राष्ट्रीय स्तर का सशक्त व प्रतिबद्ध युवा संगठन विकसित करने में सफल हो सकते हैं। हमारा अनुभव कहता है कि इस प्रकार के सही सोच व प्रयास से युवाओं की भूमिका बढ़ेगी, उनमें आशा जागेगी वे अपना समय व ऊर्जा देश और राज्य के हित में लगाएँगे और इस कार्य में वे सदैव सक्रिय रहेंगे। युवाओं के सक्रियता से ही राष्ट्रीय स्तर का प्रतिबद्ध युवा संगठन विकसित किया जा सकता है। इस युवा संगठन के बल पर राष्ट्र सामथ्र्यवान होगा साथ ही युवाओं का विश्वास और मनोबल सदैव उच्च और स्थिर रहेगा।
युवाओं का अपरिमित शक्ति व ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र के उन्नति लिए हो सकेगा तब सपनों का समृद्ध भारत वास्तविक आकार लेगी। हमारे चिंतन,विचार के द्वारा सृजित आइडिया को आकार देने में श्रीमान् रामटहल चैधारी, मान्नीय सांसद, राँची, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमान् अर्जुन मुण्डा, राज्य के मंत्री श्रीमान् नीलकंठ सिंह मुण्डा, श्रीमान अमर कुमार बाउरी, मा0 विधायक श्रीमान् रामकुमार पहान,डाॅ0 जीतू चरण राम कांके प्रमुख, श्रीमान सुदेश उराँव, साधो उराँव मुखिया,नेवरी एवं अन्य मंत्री, विधायक, क्षेत्र के प्रबुद्धजन श्रीमान् पन्ना लाल महतो, संजीव कुमार, रामलखन मेहता, राधाचरण सिंह एवं अन्य अधिकारी जिला उपायुक्त, बी.डीओ., सी.ओ., पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी एवं युवा साथी श्री सुबोध कुमार, शकील परवेज अली अंसारी, मनोज वाजपेयी, तालकेश्वर महतो, बबलू राम, सतीश सिंह, कामेश्वर महतो, लक्ष्मी साहु, विजय सिंह, बालेश्वर पाहन, अमरेश झा, अनुराग कुमार, मनोज ठाकुर, संजय महतो बहादूर, रणधीर कुमार चैधरी, जय कुमार महतो, विवेक, बिक्रम, राजीव, अमृत कुमार सिंह, ऋषिकेश सिंह, उमेश राय, कैलाश महतो, दुबराज साहु, भरत साहु, शिवा साहु, गोविंद महतो, साकिर अलि, दीपक, प्रदीप, रंजन कुमार, संदीप उराँव, अशोक साहु, गुरूचरण मुण्डा, विनोद उराँव, पप्पु महतो, रामलखन मुण्डा, नरेन्द्र कुमार इत्यादि युवा साथी महत्वपूर्ण भूमिका निरंतर निभा रहें है। सभी ने अपने अदम्य साहस और संकल्प के साथ ‘‘राष्ट्रीय युवा विकास संघ’’ द्वारा प्रतिपादित संकल्प में अपना योगदान सुनिश्चित कियें हैं जिसके लिए हम आभारी हैं।
आपका
राष्ट्रीय युवा विकास संघ
झारखण्ड प्रदेश, राँची

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